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Monday, December 16, 2019

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की 1500 कंपनियों के सर्वे में निवेश बढ़ने के संकेत मिले: आरबीआई गवर्नर

मुंबई. आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने सोमवार को कहा कि ग्रोथ बढ़ाने के लिए मैन्युफैक्चरिंग पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने भारतीय कंपनियों से ग्लोबल सप्लाई चेन के साथ मिलकर एक्सपोर्ट बढ़ाने की अपील भी की। दास ने इंडिया इकोनॉमिक कॉन्क्लेव में चर्चा के दौरान बताया कि मॉनेटरी पॉलिसी से पहले आरबीआई ने 1,539 मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों का सर्वे किया था। इस दौरान निवेश चक्र में सुधार के संकेत मिले। कंपनियों ने चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में 45% फंड फिक्स्ड एसेट्स में डाला। पिछले साल इसी अवधि के दौरान यह दर 18.9% थी।

आरबीआई ने इस साल 6 में से 5 बार रेपो रेट में कमी की
दास ने कहा कि आर्थिक विकास दर में सुस्ती का अंदाजा फरवरी में ही हो गया, इसलिए ब्याज दरें घटाना शुरू कर दिया था। लेकिन, यह चौंकाने वाली बात है कि जब दरें घटाने का सिलसिला रोका तो बाजार को अचंभा क्यों हुआ? बता दें आरबीआई ने 5 दिसंबर को मौद्रिक नीति की समीक्षा में प्रमुख ब्याज दर रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया। विश्लेषक 0.25% कटौती की उम्मीद कर रहे थे। हालांकि, इससे पहले फरवरी से अक्टूबर तक लगातार पांच बार में 1.35% कमी की थी।

आरबीआई गवर्नर का कहना है कि देश की अर्थव्यवस्था को लेकर उद्देश्यपूर्ण और जानकारी देने वाली चर्चा की जरूरत है। ग्रोथ में सुस्ती और महंगाई दर में बढ़ोतरी को देखते हुए आरबीआई सभी जरूरी कदम उठाएगा। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि बैंकों और नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों की स्थिति अच्छी रहे। आर्थिक विकास दर के लिए आरबीआई और सरकार ने सही समय पर कदम उठाए हैं।



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आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास।


source /business/news/rbi-governor-shaktikanta-das-latest-news-on-manufacturing-companies-earnings-analysis-over-india-economy-slowdown-126305302.html

सुप्रीम कोर्ट का केंद्र को निर्देश- 3 महीने के भीतर केंद्रीय सूचना आयोग में खाली पदों को भरें

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार कोकेंद्र से कहा कि केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) में खाली पदों को तीन महीने के भीतर भरा जाए। साथ हीकेंद्र से दो सप्ताह के भीतर अपनी वेबसाइट पर केंद्रीय सूचना आयुक्तों की नियुक्ति के लिए सर्च कमेटी के सदस्यों के नाम डालने के लिए भी कहा है।

मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली बेंच ने वकील प्रशांत भूषण की याचिकाओं पर कहा कि शीर्ष अदालत के 15 फरवरी के फैसले के बावजूद केंद्र और राज्य सरकार ने सीआईसी और राज्य सूचना आयोग (एसआईसी) में सूचना आयुक्तों की नियुक्ति नहीं की है। बेंच में शामिल जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि हम केंद्र और राज्य को आज से नियुक्ती करने का निर्देश देते हैं।

‘आरटीआई के कुछ दिशानिर्देश विकसित करने की जरूरत’

सुनवाई के दौरान सूचना के अधिकार के दुरुपयोग का मुद्दा भी उठा। बेंच ने कहा- हम आरटीआई कानून के खिलाफ नहीं हैं। ऐसे लोग जो उस मुद्दे से नहीं जुड़े हों और आईटीआई फाइल करते हों, वे इसका इस्तेमाल अपराध और ब्लैकमेलिंग के लिए भी कर सकते हैं। इसलिएकुछ प्रकार के दिशानिर्देशों को विकसित करनेकी जरूरत है।

‘निर्धारित समय में सूचना आयुक्त की नियुक्ति हो’
बेंच आरटीआई कार्यकर्ता अंजली भारद्वाज की अर्जी पर सुनवाई कर रही थी। इसमें शीर्ष अदालत के आदेश को लागू करने के लिए सरकारी अधिकारियों को एक निर्देश देने की मांग की गई थी। जो उन्हें निर्धारित समय के भीतर और पारदर्शी तरीके से सूचना आयुक्त नियुक्त करने के लिए कहे।



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सुप्रीम कोर्ट ने 15 फरवरी को कहा था- पारदर्शिता बरतते हुए सूचना आयुक्तों की नियुक्ति समय पर की जानी चाहिए।


source /national/news/supreme-court-on-right-to-information-act-rti-says-appoint-information-commissioners-in-cic-sics-in-3-months-126305305.html

Barack Obama: Women are indisputably better than men

The ex-president said most of the world's problems came from old people, mostly men, holding onto power.